सदयूं घूमता झूमता रहा मैं
हर दम तेरा इंतज़ार करता रहा मैं
तुझसे मुद्द्त हुये यारा मिले
तेरे दिल में नही वो जो दिल में मेरे
पता होता जो ये हादसा होगा आज
तो क़ुर्बत हासिल न करता मैं कल
चलो अच्छा हुआ जो होना था होगया
अबतो तेरे दिल को सुकूंन तो मिलगया
ज़करिया ऐसी उम्मीदें लगाता क्यू?
ऐसी दुन्याँ से उम्मीद रखता है क्यू?
हर दम तेरा इंतज़ार करता रहा मैं
तुझसे मुद्द्त हुये यारा मिले
तेरे दिल में नही वो जो दिल में मेरे
पता होता जो ये हादसा होगा आज
तो क़ुर्बत हासिल न करता मैं कल
चलो अच्छा हुआ जो होना था होगया
अबतो तेरे दिल को सुकूंन तो मिलगया
ज़करिया ऐसी उम्मीदें लगाता क्यू?
ऐसी दुन्याँ से उम्मीद रखता है क्यू?
No comments:
Post a Comment