दास्तान आलियांन की....☺?
Part1
रंजीदा पलकें खुशक आँखें खमोश होंट सुन सान रातें बेसहारा अकेला एक कमरे में रात की तिहाई हिस्से में अपनी ज़िंदगी के वो ख़ुश मिजाज़ पल की तलाश में कमरे की छत की ओर टकटकी निगाहों से किसी के ख़्वाब में आने की इंतज़ार कररहा आलियांन ख़ुद ही ख़ुद में टप टपा रहा था।शायद आलियांन किसी की कही बातों पे ग़ौर कररहा था या फिर अपनी इस ज़िंदगी को किसी केलिये क़ुर्बानी का सोच रहा था।
नहीं दरअसल आज वो अपने ही खून की हक़ीक़त बोल पे काफ़ी रंजीदा था। या शायद उसे किसी ने झूठा मक्कार या सब को घर मे लड़ाई करवाने और अपने ही घर से सबको अलग करवाने का ज़िम्मेदार ,मुल्ज़िम और क़ुसूवार बताया जो आलियांन किसी आपनो से सुन्ने की उम्मीद नहीं रखा था। या फिर कुछ और हाँ मुमकिन है पर हक़ीक़त कहीं इससे बहुत मेने एक शेर लिखा था जब किसी अपने ने एक बात कही थी।
शेर....
आलियांन की इस दास्तान के पीछे एक लम्बी कहानी है। जो हम आप को बाद में बताएंगे। लेकिन इस से पहले हम आलियांन का बचपना फिर उम्र के खिलते पल फिर मुरझाते रंग और फिर ख़ूबसूरत पल।
चलये शुरू करतें आलियांन के बचपने से आलियांन का बचपना यूँ था....... जैसे मखमली गुलाब के पेड़ में खिलता गुलाब।
एक दिनका वाकिया है आलियांन अपने गांव में अपने दोस्तों के साथ खेल रहा था। वेसे तो आलियांन न गांव और न ही बाहर किसी को अपना अबतक दोस्त बनाया है।ख़ैर आलियांन दोस्तों के साथ खेल रहा था। तभी उसकी माँ बच्चों के बीच से आलियांन को खदेड़ती हुई आँगन लेकर आई और जल्दी से नहा धुलाकर ईद का कपड़ा पहना कर अपने बड़े बेटे मरजान के साथ अचानक शहर रवाना करदि।
आलियांन ज़रा अचम्भा था इस मसले को लेकर लेकिन दिल ही दिल में सोच रहा था कि देखो किस्मत आभी गांव में था अब शहर की आब ओ हवा में डुबकी लगाने जरहा हूँ। क्या किस्मत हमने पाई है...?
आलियांन तक़रीबन 4घण्टे में शहर पहुंच ग्या। हाँ एक और अहम बात आलियांन उर्दू हिंन्दी बोलना नहीं जानता सिवाए अपने माद्री ज़ुबान के बड़े भाई मरजान ने आलियांन को रास्ते भर में ज़रूरत के मुताबिक़ दोनों ज़ुबानें बोलना सीखा दिया। चूंकि ये मजबूरी भी थी उनकी के अगर वो आलियांन को नहीं सिखाते तो उनके छोटे भाई को दिहति बद्दी जैसे अल्फ़ाज़ नवाज़ते शाय इसलिए उन्हें ज़हमत उठानी पड़ी।
फिर किया था आलियांन मस्ती में अब्बू जान और भाईजान के साथ रहने लगा। हाँ आलियांन उस जगह रहने और पढ़ने ग्या था जिस शहर का आप सभी लीचियाँ ख़ूब पसन्द करते हैं।
बाक़ी अगले पार्ट में आप पढ़ेंगे क्या अगली कहानी आलियांन की...........